वैदिक आचार्य
पंडित सेवक दुबे जी धार्मिक अनुष्ठानों में रूचि अपने बालयकाल से ही थी। समस्त प्रकार के अनुष्ठानो का प्रयोगत्मक ज्ञान एवं सम्पूर्ण विधि विधान की जानकारी पंडित जी के पिता जी से प्राप्त हुयी है। पंडित जी वैदिक अनुष्ठानों में आचार्य की उपाधि से विभूषित है एवं सभी प्रकार के दोष एवं बाधाओं के निवारण के कार्यो को करते हुए 15 वर्षो से भी ज्यादा हो गया है।
"पंडित सेवक दुबे जी ने मेरे कालसर्प दोष का निवारण किया। अब मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।"
"मंगल दोष के कारण मेरी शादी में बाधा आ रही थी। पंडित जी के अनुष्ठान के बाद मेरी शादी हो गई।"
"वास्तु दोष के कारण व्यापार में हानि हो रही थी। पंडित जी के मार्गदर्शन से अब व्यापार फल-फूल रहा है।"